बदल रही कश्मीर की आबोहवा, देश के लिए बंदूक उठाने को तैयार नौजवान

जम्मू-कश्मीर में अब आबोहवा में काफी बदलाव देखा जा रहा है। युवा बंदूक तो उठाना चाहता है लेकिन किसी की जान लेने के लिए नहीं। बल्कि खुद की हिफाजत के लिए।

श्रीनगर/पटटन, [नवीन नवाज]। श्रीनगर से गुलाम कश्मीर की तरफ जाने वाली सड़क पर स्थित बटमालू में आज एक बार फिर कश्मीरी नौजवानों का उत्साह दिखाई दे रहा है। ऐसी भीड 1990 के दशक की शुरुआत में यहां होती थी, जब खुलेआम लड़कों को आतंकी बनने के लिए सरहद पार ले जाने के लिए वाहन चालक आवाज देते थे, पिंडी चलो-पिंडी चलो। रावलपिंडी को पिंडी कहा जाता रहा है। लेकिन अब न कोई पिंडी चलो की आवाज दे रहा है और न कोई जाने को तैयार है। आवाज आ रही है पटटन चलो-पटटन चलो।
पटटन जाने वाली गाड़ियों और टैक्सियों में बैठने के लिए युवकों में मारामारी को देख, वहीं खड़े एक बुजुर्ग दुकानदार ने कहा कि हालात बदल गए हैं। पटटन में आज फौज की भर्ती चल रही है और हमारे नौजवान कैसे वहां भाग रहे हैं। ऐसी भीड़ हम 1990 की शुरुआत में ही देखते थे जब यहां कोई गाड़ी वाला पिंडी चलो की आवाज लगाता था।
पटटन स्थित सेना के हैदरबेग मुख्यालय में कश्मीर के सभी दस जिलों के युवकों की भर्ती रैली शुरू हो चुकी है और फौजी बनने के लिए नौजवानों की भीड़ जा रही है। गाड़ी में बैठे नौजवान अपने बैग में से अपने दस्तावेज निकाल कर देख रहे हैं। कुछ अपनी दौडने की क्षमता का जिक्र करते हुए अपने दोस्तों को अपनी बाजुओं की मांसपेशियां दिखाकर प्रभावित कर, यह जता रहे हैं कि मेरा चयन तो पक्का है।
बटमालू से करीब 30 किलोमीटर दूर हैदरबेग सैन्य मुख्यालय में हालात और भी हैरान करने वाले हैं। हल्की बारिश और ठंड के बीच सैंकड़ों की तादाद में नौजवान सुबह से जमा हैं। वहां लगे तंबुओं में मौजूद कई अधिकारियों के चेहरे पर ठंड के बजाय पसीना नजर आ रहा है,क्योंकि उनके लिए इन युवकों को संभालना मुश्किल हो रहा है।वह खुद कह रहे हैं कि इतने लोगों की उम्मीद नहीं थी।

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पंजाब और जम्मू कश्मीर के उपनिदेशक सामान्य भर्ती ब्रिगेडियर जेएस जंवाल ने कहा कि स्थानीय युवकों की फौज में भर्ती होने की इच्छा के मददेनजर ही यह रैली आयोजित की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया अगले माह 28 मई को लिखित परीक्षा होने तक जारी रहेगी। फौजी बनने के इच्छुक नौजवानों की आज से स्क्रीनिंग शुरु की गई है। इसमें उनके दस्तावेज देखे जाएंगे, उनके शारीरिक दम-खम का जायजा लिया जाए। इसमें सही पाए जाने वालों का मेडिकल टेस्ट होगा और उसमें सफल युवकों की लिखित परीक्षा होगी।

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रैली में शामिल होने अनंतनाग से आए नजीर अहमद वानी ने कहा कि यह सही है कि बेरोजगारी के कारण नौकरी के लिए परेशान हूं। मेरी तरह यहां बहुत से लडक़े रोजगार पाने के लिए आए हैं। लेकिन जान से बढक़र नौकरी हो सकती है,नहीं। आतंकी संगठनों ने वीडियो भी जारी किए हैं कि भर्ती होने वाले को सजा दी जाएगी। अगर उसके बावजूद यहां मेरी तरह नौजवान जमा हुए हैं तो कुछ तो मकसद होगा। हमें भी बंदूक चाहिए, लेकिन अपने भाईयों का खून बहाने के लिए नहीं। अपनी हिफाजत के लिए, कश्मीरियत को बचाने के लिए और वही बंदूक हमें यहां मिलेगी जो हमें अमन के साथ जीने की आजादी देगी।
भर्तीस्थल के बाहर फलों का ठेला लगाने वाले गुलाम अहमद ने कहा कि काश यह रैलियां उस समय हुई होती,जब मैं यहां से उड़ी के पार जाने वाले लडक़ों से भरी बस देखता था, तो यहां परायों के बहकावे में अपनों ने अपनों को कब्र में न पहुंचाया होता। शायद खुदा ने हमारी सुन ली है जो मौसम बदलने के साथ हमारे लिए अच्छे दिनों की दस्तक देती इसी रैली में हमारे नौजवान यहां जमा हुए हैं।

पारदर्शी है भर्ती प्रक्रिया
भर्ती रैली का आयोजन सैन्य भर्ती कार्यालय श्रीनगर द्वारा किया गया है। 15 कोर के बैनर तले 29 आरआर वाहिनी द्वारा नागरिक प्रशासन बारामुला के सहयोग से संचालित की जा रही यह भर्ती रैली पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी है। भर्ती पांच स्वतंत्र सदस्यों और विभिन्न मुख्यालयों द्वारा नियुक्ति किए गए अधिकारियों के एक बोर्ड के जरिए ही होगी। सभी उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के बारे में अच्छी तरह समझा जा रहा है ताकि वह किसी भी तरह से बिचौलियों के प्रभाव में न आएं।

19 हजार से ज्यादा आए हैं आवेदन
ब्रिगेडियर जेएस जंवाल ने बताया कि कश्मीर घाटी के दस जिलों से 19 हजार नौजवानों ने फौजी बनने के लिए आवेदन किया है। इनमें से नियमों पर पूरे उतरने वाले युवकों को ही फौजी बनने का मौका मिलेगा।

और भी होंगी रैलियां
बिग्रेडियर जेएस जंवाल ने कहा कि यह कोई अकेली भर्ती रैली नहीं है। ऐसी और भी रैलियां जल्द ही राज्य के अन्य हिस्सों में आयोजित की जाएंगी। इन रैलियों के आयोजन का फैसला स्थानीय लोगों की इच्छा के आधार पर ही लिया गया है।

पहला दिन अनंतनाग के नौजवानों का
आज से शुरु हुई इस भर्ती रैली में पहले दिन अनंतनाग जिले के लगभग तीन हजार युवकों की स्क्रीनिंग हुई है।

चार से नौ अप्रैल तक होगी स्क्रीनिंग 
4 अप्रैल को अनंतनाग, पांच अप्रैल को श्रीनगर व कुलगाम, छह अप्रैल को बांडीपोर व शोपियां , सात अप्रैल को बडगाम व पुलवामा और आठ अप्रैल को बारामुला व गांदरबल के लडक़ों की स्क्रीनिंग होगी। इसके बाद 10 और 11 अप्रैल को स्क्रीनिंग सफल रहे उम्मीदवारों का मेडिकल टेस्ट होगा व उसमें कामयाब रहने वालों को ही लिखित परीक्षा के लिए प्रवेशपत्र जारी किया जाएगा। लिखित परीक्षा अगले माह 28 मई को होगी।

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