दहेज की बुनियाद इस्लाम में नहीं है!

दहेज की बुनियाद इस्लाम में नहीं है!
मोहम्मदाबाद उत्तर प्रदेश जमात-ए-इस्लामी हिंद की जानिब से चलाए जा रहे मुस्लिम पर्सनल ला जागरूकता अभियान के तहत मोहम्मदाबाद क्षेत्र के मुरकी खुर्द व कला पखनपुरा, महेशपुर में गोष्ठियों का आयोजन किया गया इस मौके पर काफी संख्या में मुसलमानों ने भाग लिया इस अवसर पर जमाते इस्लामी हिंद के नाजिम जिला मिर्जापुर वह भदोही मौलाना मुबारक अली ने मुख्य वक्ता की हैसियत से कहा कि जो लोग ईमानदार और हक पसंद नहीं वह मुसलमान नहीं है सिर्फ सिजदा केवल अल्लाह के लिए है क़ुरआन सबके आगे सजदा का हक नहीं दिया है जब जब लोगों ने अल्लाह की इस बात को झूठ लाया है उसे प्राकृत ने हमेशा नष्ट किया है उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया के लिए इस्लाम शांति का पैगाम लाया है लेकिन हम में से कुछ लोग नासमझी में इस्लाम की रूह को तबाह करने की कोशिश किया है इस्लाम ने पूरी दुनिया में औरत को मां बाप के जायदाद में हिस्सा दिया है और दहेज की बुनियाद इस्लाम में नहीं है यह दहेज मुसलमानों में हिंदुस्तानी तहजीब की देन है शादी हिंदुस्तानी तहजीब में महंगी है इसलिए दहेज के नाम से रोजाना आग लगाकर,या कत्ल करके औरतों को भारत में मारा जाता है इस्लाम में बचाने के लिए शादी को आसान किया है इस अवसर पर डॉक्टर नूर उल हक मौलाना अबरार इस्लाही नाजीम इलाका वाराणसी मंडल मौलाना कमालुद्दीन ने अपने विचार में कहा कि आज अपने अंदर इस्लामी निजाम अगर पैदा कर लें तो सारी दुनिया में अमन कायम हो सकता है नाम के मुसलमान इस्लामी नहीं हो सकते हैं अमल की जरूरत है इन गोष्ठियों में सरफराज अहमद ऐखलाख अहमद अब्दुल मलिक नुरुल हक खान मैनुदीन खान हाजी शमशाद खान मोहम्मद इबरार हाजी मोहम्मद यूनुस खान हाजी अबूलेश मंजूर अहमद शहाबुद्दीन खान अजीज उल्लाह आदि खास तौर पर लोग उपस्थित थे इस गोष्ठी की अध्यक्षता मोहम्मदाबाद के अमीरे हल्का जमात-ए-इस्लामी सैयद अहमद गाजी ने, और गोष्टी का आगाज हाफिज यहिया के तिलावते कलाम पाक से किया गया |
प्रस्तुति खान सारा जावेद स्वतंत्र पत्रकार

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