क़तर: शिया-सुन्नी के झगड़े में फंसेगा भारत?

खाड़ी देशों में करीब 70 लाख भारतीय काम करते हैं जबकि क़तर में सिर्फ 6 लाख.

इस गतिरोध के भारतीयों पर असर की बात करें तो भारतीय खाड़ी के देशों में और बाहर भी क़तर एयरवेज़ के विमानों से जाते थे.

वो इससे काफ़ी प्रभावित हुए हैं, क्योंकि क़तर एयरवेज़ कम-से-कम 14 भारतीय शहरों से सीधी फ्लाइट दुबई, दोहा और कुवैत जाती थी और इनका किराया काफ़ी कम रहता था. ऐसे में हज़ारों लोग इससे प्रभावित होंगे.

खाड़ी देशों में भारत के कई करोड़पति व्यापारियों का क़तर में काफी निवेश है. फिर चाहे वो रियल स्टेट बिजनेस हो या एक्सपोर्ट, इंपोर्ट. ऐसे में ज़मीन, हवा और समंदर बॉर्डर बंद करने से इन लोगों का काफी नुक़सान होगा.

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