एक महीने की कड़ी तपस्या के बाद

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एंकर – एक महीने की कड़ी तपस्या के बाद ईद मनाई जाती है, दुनिया भर के मुसलमानों के लिए यह दिन खुशी और अल्लाह से इनाम लेने का दिन है। आज के मुबारक दिन लोग ईदगाहों और मस्जिदों में इकट्ठा होकर ईद की नमाज अदा करते है, आज तमाम ईदगाहो पर मुसलमानो ने अल्ला ताला को याद कर ईद की नमाज अदा कर एक दुसरे को बधाई दी |

वीओ – मुसलमानों ने नमाज से पहले सदका-ए-फित्र देना जरूरी है। इसके तहत पौने दो किलो अनाज या उसकी कीमत (35 रुपये) गरीबों को दी जाती है। इसका मकसद यह है कि गरीब भी ईद की खुशी मना सके। ईद की नमाज के बाद इमाम खुतबा देते हैं, और फिर दुआ मांगी जाती है। माना जाता है कि जब लोग ईद की नमाज से फारिग हो जाते हैं तो एक घोषणा होती है कि तुम्हारे रब ने तुम्हें बख्श दिया। ईद की नमाज अदा करने के लिए ईदगाह जाने का हुक्म है। इसी तरह जिस रास्ते से ईदगाह जाएं उसे रास्ते से वापस नहीं लौटना चाहिए। जानकारों के मुताबिक़ मोहम्मद साहब फरमाते हैं कि तीन लोगों की दुआ अक्सर कबूल होती है, पहला रोजेदार, दूसरा इंसाफ पसंद और तीसरा मजलूम। ईद की खुशी का सबसे ज्यादा सिला इन्हीं लोगों को नसीब होता है |

 अनवर हुसैन (रोजेदार)

वीओ – भीषण गर्मी में 29 दिनों तक लगातार रोजा रखने के बाद आखिर वह दिन आ ही गया जिसका बेसब्री से इंतजार था। रविवार की शाम चांद के दीदार के साथ ही आज पूरे देश में एक साथ ईद मनाई जा रही है, मौसम साफ होने के कारण शहर के कई हिस्सों में लोगों ने चांद देखा और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। देर रात तक वाट्सएप पर मुबारकबादी देने का सिलसिला चलता रहा | आज नमाज पढने के बाद एक दुसरे को बधाई देने के बाद लोग एक दुसरे को सेवईया खिला कर इस ईद के तेवहार का इजहार करेंगे

बियूरो चीफ गोरखपुर

रुद्र प्रताप सिंह

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