उत्तर प्र्देश के जब IG ने फरियादी बनकर लगाया कई जिलों के SP को फोन, तो मिले चौंकाने वाले जवाब..

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पटरी से उतरी कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने की पूरी कोशिश कर रही है. सत्ता में आने के बाद से पुलिस महकमे में सुधार के लिए नए फरमान जारी किए गए हैं. सीएम आदित्यनाथ योगी पुलिस अधिकारियों को आम जनता की फरियाद ध्यान से सुनने के लिए कई बार हिदायत दे चुके हैं. इसी कड़ी में आईजी (जोन) ए. सतीश गणेश ने शुक्रवार को लखनऊ जोन के कई जिलों के एसपी से फरियादी बनकर कॉल किया. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक रियलिटी चेक दो जिलों के एसपी फेल हो गए हैं. कई ने बेतुके जवाब भी दिए. वहीं दो कप्तानों ने आईजी सतीश गणेश का फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा. फरियादी के प्रति लापरवाही बरतनी वाले कप्तानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

आवाज बदलकर की बात, मिले कुछ ऐसे जबाब…
खबरों के मुताबिक, ‘लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने अच्छा वर्ताव किया. कॉल पर पूरी जानकारी दी. कहा,’ज्यादा परेशानी हो तो ऑफिस आ जाओ. मैं आपके केस को दिखवाता हूं.’ इसके बाद लखीमपुर खीरी के एसपी शिवासिम्पी चन्नपा को कॉल की. इस बार फरियादी के बजाय मुखबिर के रूप में आईजी आवाज बदलकर बोले- साहब संपूर्णानगर के जंगल में कटाई हो रही है. माजरा समझे बगैर कप्तान ने वन विभाग को कॉल करने की सलाह दी, फिर बोले देखते हैं और फोन काट दिया.

उन्नाव की एसपी नेहा पांडेय ने दो बार कॉल तो रिसीव की लेकिन बात नहीं हो सकी. हरदोई के एसपी विपिन मिश्रा ने कॉल रिसीव की और शिकायत नोट कराने की बात कहकर मोबाइल फोन अपने पेशकार को थमा दिया. हरदोई के एसपी ने कॉल रिसीव करके मोबाइल अपने पेशकार को थमाया, जबकि खीरी के एसपी ने जंगल कटान की शिकायत को वन विभाग पर टाल दिया.

तुम पढ़े-लिखे नहीं हो क्या?
रियल्टी टेस्ट के दौरान जब आईजी (जोन) ने सुबह अमेठी के एसपी अनीस अहमद अंसारी को उनके सीयूजी पर कॉल की तो कप्तान बोले- उस मामले में तो कार्यवाही हो चुकी है, चार लोग जेल जा चुके हैं. बात आगे बढ़ाने से खफा एसपी बोले, ‘तुम पढ़े-लिखे नहीं हो क्या’ इस पर आईजी ने फोन काट दिया.

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