उत्तर प्रदेश:-बसपा प्रमुख मायावती भी चलीं वंशवाद की राजनीति की राह पर!

मेरठ: अब तक वंशवाद की राजनीति से दूर रहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो ने संकेत दिया है कि उनका परिवार भी अब चुनावों में सक्रिय भूमिका में नजर आएगा. लोकसभा चुनाव में अभी दो साल बाकी हैं, लेकिन सोमवार को मेरठ में एक रैली के दौरान मंच पर मायावती के साथ उनके भाई आनंद और भतीजा आकाश काफी सक्रिय दिखे. हालांकि दोनों ने सभा को संबोधित नहीं किया, बस मंच से हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया. बीएसपी के कद्दावर नेता माने जाने वाले सतीश मिश्रा से पहले मायावती के भाई और भतीजे को जनता से रू-ब-रू कराया गया. राजनीतिक गलियारों में ये अटकल लगाई जा रही है लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है.

यह भी पढ़ें :
इस रैली में मायावती ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की तरह यूपी में योगी सरकार भी हवा-हवाई साबित हुई है. प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है. राज्यसभा से इस्तीफे के बाद मायावती मेरठ के वेदव्यासपुरी मैदान में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 71 विधानसभा क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित कर रही थीं.

यह भी पढ़ें :

उन्होंने कहा कि कहा कि भाजपा पूरी तरह आरएसएस और हिंदुत्व के एजेंडे पर काम कर रही है. गरीब, अल्पसंख्यक ओर दलितों का उत्पीड़न हो रहा है. रोहित वेमुला कांड और गुजरात का ऊना कांड इसके उदाहरण हैं. उन्होंने कहा कि जब सहारनपुर के शब्बीरपुर में दलितों का उत्पीड़न हुआ और वह इस मुद्दे पर संसद में बोलना चाहती थीं, मगर बोलने नहीं दिया गया. मजबूरी में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. मायावती ने कहा कि चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई, जिसका खामियाजा सभी विपक्षी पार्टियों को भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा, ‘2014 के लोकसभा चुनाव में जब ईवीएम में गड़बड़ी हुई, तब देश की जनता में कांग्रेस के प्रति बड़ा गुस्सा था, जिसकी वजह से ईवीएम की गड़बड़ी उजागर नहीं हो पाई. अब हम चुप बैठने वाले नहीं हैं.’

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *