उत्तर प्रदेश:-धर्म की सार्थकता बनाए रखने के लिए इसको व्यावहारिक रूप देना जरूरी : योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर: धर्म केवल कर्मकांड और प्रवचन तक ही सीमित नहीं है. सार्थकता बनाए रखने के लिए इसको व्यावहारिक रूप देना जरूरी है. यह कार्य गोरक्षपीठ शुरू से करती रही है. यह बात रविवार को प्रदेश के  ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अवैद्यनाथ की 8वीं पुण्यतिथि समारोह में कही.

उन्होंने कहा कि गोरख पीठ ने धर्म के वास्तविक अर्थ को चरितार्थ किया है. मध्यकाल में इस पीठ पर तमाम संकट आए, यहां के आध्यात्मिक वैभव को खत्म करने का प्रयास किया गया. लेकिन महंत दिग्विजयनाथ ने अपने नाम के अनुरूप कार्य किया और वैभव को कायम रखा. अवैद्यनाथ का जिक्र करते हुएकि उनका मानना था कि छुआछूत से समाज बंटता है और इससे राष्ट्र कमजोर होता है.

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