इस वजह से पुलिस को किसानों पर चलानी पड़ी गोली,

मध्य प्रदेश में मालवा इलाके के नौ जिले पिछले तीन दिनों से लगातार हिंसा की चपेट हैं. यहां मंगलवार को पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के बाद से लोगों में खासा गुस्सा है, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया.

शुरुआत में पुलिस के साथ राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिस की तरफ से फायरिंग की बात को सिरे से खारिज कर दिया था. हालांकि बाद में उन्होंने पुलिस की फायरिंग से  की बात मान ली. पुलिस ने कहा कि उसक वक्त हालात ही कुछ इतने उग्र हो गए थे, लेकिन उन्हें मजबूरन फायरिंग करनी पड़ी. तो ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर उस दिन क्या हुआ था?

पढ़ें उस दिन का पूरा हाल
1. मंगलवार 6 जून को किसानों ने मध्य प्रदेश में बंद का आह्वान किया था.
2. मंदसौर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित पिपलिया गांव में बंद के दौरान कुछ किसान वहां जबरन दुकानें बंद करा रहे थे.
3. वहां दुकानदारों ने किसानों का विरोध किया और बात बिगड़ने पर किसानों की पिटाई कर दी.
4. किसानों की इस पिटाई का वीडियो देखते ही देखते पूरे इलाके में वायरल हो गया.
5. इसके विरोध में 1000 के करीब किसान वहां इकट्ठा हुए और सीआरपीएफ की एक बस पर टूट पड़े, जिसमें उस वक्त बस दो जवान मौजूद थे.
7. इलाके में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियान सीआरपीएफ जवानों को बुलाया गया था.
8. गुस्साई भीड़ को यूं अपनी तरफ बढ़ता देख सीआरपीएफ जवान डर गए कि फायरिंग कर दी. इसमें एक किसान की मौत हो गई.
9. किसानों का गुस्सा इससे और भड़क गया. फिर उन्होंने पिपलिया मंडी पुलिस थाने को घेर लिया.
10. इतनी बड़ी संख्या में किसानों में जमा देख, पुलिस थाने के भीतर मौजूद एक कॉन्स्टेबल ने फायरिंग कर दी, जिसमें 4 और किसानों की मौत हो गई.

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *