आइपीएल में खिलाडियों के होश उड़ा सकते हैं चाइना गेंदबाज, जानें क्या है इनमें खास बात

कुछ ऐसे भी गेंदबाज हैं जो आइपीएल में अपनी विचित्र गेंदों से कमाल दिखा सकते हैं।

नई दिल्ली, भारत सिंह। आइपीएल का रोमांच फिर से शुरू होने वाला है। वैसे तो आइपीएल में बल्लेबाजों की ही धूम रहती है, लेकिन कुछ ऐसे भी गेंदबाज हैं जो अपनी विचित्र गेंदों से कमाल दिखा सकते हैं। ये गेंदबाज हैं चाइनामैन गेंदबाज। चाइनामैन गेंदबाज की पहली खासियत तो यह होती है कि ऐसे गेंदबाज काफी कम होते हैं और इनकी दूसरी खासियत यह होती है कि बल्लेबाजों को इनकी गेंदें आसानी से समझ नहीं आती हैं। आइए जानते हैं कि क्यों खास होते हैं ये गेंदबाज-

बल्लेबाज को चकमा देने में माहिर है 

चाइनामैन गेंदबाजी अपने आप में खास इसलिए है कि इसे साधना काफी मुश्किल काम है। चाइनामैन गेंदबाज एक लेफ्ट-आर्म अनऑर्थोडॉक्स स्पिनर को कहा जाता है जो सामान्य लेफ्ट-आर्म स्पिन के विपरीत गेंद को स्पिन कराने की क्षमता रखता है। इस तरह की स्पिन अंगुलियों से न होकर कलाई से की जाती है। चाइनामैन स्पिन में गेंद की दिशा  ठीक दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर की तरह होती है यानी दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए यह बाहर से अंदर (ऑफ से लेग स्टंप) की ओर आती है। लेकिन चाइनामैन गेंदबाजी की खासियत यह होती है कि यह कलाई से स्पिन कराने की वजह से किसी ऑफ स्पिनर की स्पिन के मुकाबले ज्यादा तेजी से टर्न लेती है और बल्लेबाज को चकमे में डाल देती है।

क्यों है सच में  चाइनामैन गेंदबाजी खतरनाक

चाइनामैन गेंदबाज की सबसे खतरनाक गेंद ‘गुगली’ होती है। लेकिन कुछ ही चाइनामैन गेंदबाज दाएं हाथ के लेग स्पिनर (अनिल कुंबले, शेन वॉर्न) की जैसी ‘गुगली’ डालने में भी माहिर होते हैं। आमतौर पर लेग स्पिनर की गुगली पिच पर गिरने के बाद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए लेग से ऑफ की ओर जाने की बजाय और ज्यादा लेग की ओर जाती है या सीधी निकल जाती है। चाइनामैन गेंदबाज की ‘गुगली’ दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर की ओर निकलती है और बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए अंदर की ओर आती है। दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए भी अंदर आती स्पिन गेंदों की बजाए बाहर जाती स्पिन गेंदें ज्यादा खतरनाक मानी जाती हैं।

देखें – पॉल एडम्स के अजीब  एक्शन वाली चाइनामैन गेंदबाजी

https://www.youtube.com/watch?v=0CHq3_uYVtU

 

इसलिए बहुत  मुश्किल है चाइनामैन गेंदबाजी करना 

चाइनामैन गेंदबाज की गेंदें बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर की ओर निकलती हुई होंगी जो टीवी स्क्रीन पर बाएं से दाएं ओर जाती दिखेंगी। चाइनामैन गेंदबाजी इसलिए कठिन मानी जाती है क्योंकि कलाई के दम पर गेंदबाजी वैसे ही काफी मुश्किल है और उम्र बढ़ने के साथ कलाई के घुमाव में भी कमी आ जाती है। इसके अलावा कलाई के गेंदबाजों को अपनी गेदों की फ्लाइट और दिशा पर नियंत्रण करना काफी मुश्किल होता है। इसके अलावा गेंदबाजी के समय कई चाइनामैन गेंदबाज अपने एक्शन की वजह से बल्लेबाज को भी नहीं देख पाते हैं।

ऐसे मिला था चाइनामैन नाम

कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का दावा है कि इस तरह की गेंदबाजी की शुरुआत 1890 में साउथ अफ्रीका के ऑल राउंडर चार्ली बक लेलिन ने की थी जो लेफ्ट-आर्म अनऑर्थोडॉक्स स्पिनर थे। लेकिन इस तरह की बॉलिंग का नाम ‘चाइनामैन’ चीनी मूल के पहले क्रिकेटर और वेस्टइंडीज के स्पिनर एलिस एकॉन्ग के चलते पड़ा था। 1933 में ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में उन्होंने ऑफ से लेग स्टंप की ओर जाती हुई गेंदें की थी, जिसके चलते इंग्लैड के वॉल्टर हॉबिन्स उनकी गेंदों को समझ नहीं सके थे और आउट हो गए थे। आउट होने के बाद उन्होंने कहा था, ‘चाइनामैन ने कमाल कर दिया।’ माना जाता है कि तभी से ऐसे गेंदबाजों का नाम चाइनामैन पड़ गया।

 

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